ऐसे खोल सकते हैं Petrol Pump, जानें पूरा प्रोसेस, 20 हजार पम्प खोलना चाहती है सरकार
Petrol Pump के लिए ऑनलाइन अप्लाई भी कर सकते हैं आप
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि लोकसभा चुनाव से पहले देश भर में लगभग 20 हजार पेट्रोल पम्प (Petrol Pump) खोले जाएंगे। आप भी इस मौके का फायदा उठाने चाहते हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि पेट्रोल पम्प लेने के लिए आपको क्या करना होगा और आपको कैसे अप्लाई करना होगा?
कौन खोल सकता है पेट्रोल पंप
पेट्रोल पंप मालिक बनने के लिए आपका भारतीय नागरिक होना जरूरी है। साथ ही आपकी उम्र 21 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए और कम से कम 10वीं तक की एजुकेशन पूरी होनी चाहिए।
पेट्रोल पंप मालिक बनने के लिए आपका भारतीय नागरिक होना जरूरी है। साथ ही आपकी उम्र 21 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए और कम से कम 10वीं तक की एजुकेशन पूरी होनी चाहिए।
होनी चाहिए जमीन
- पेट्रोल पंप खोलने के लिए आपके पास जमीन होना जरूरी है। अगर जमीन आपकी खुद की नहीं है तो आपको जमीन के मालिक से NOC यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होगा।
- आप अपने परिवार के किसी सदस्य की जमीन को लेकर भी पेट्रोल पंप के लिए अप्लाई कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए भी आपको एक NOC और affidavit बनवाना होगा।
- लीज पर ली गई जमीन के लिए lease agreement होना अनिवार्य है। साथ ही Registered sales deed या lease deed भी होनी चाहिए।
- जमीन green belt में नहीं होनी चाहिए।
- जमीन अगर कृषि भूमि में आती है तो आपको उसका कन्वर्शन कराना होगा और उसे गैर कृषि भूमि में लाना होगा।
- आपके पास जमीन के पूरे डॉक्युमेंट्स और नक्शा होना चाहिए।
- पेट्रोल पंप खोलने के लिए आपके पास जमीन होना जरूरी है। अगर जमीन आपकी खुद की नहीं है तो आपको जमीन के मालिक से NOC यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होगा।
- आप अपने परिवार के किसी सदस्य की जमीन को लेकर भी पेट्रोल पंप के लिए अप्लाई कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए भी आपको एक NOC और affidavit बनवाना होगा।
- लीज पर ली गई जमीन के लिए lease agreement होना अनिवार्य है। साथ ही Registered sales deed या lease deed भी होनी चाहिए।
- जमीन green belt में नहीं होनी चाहिए।
- जमीन अगर कृषि भूमि में आती है तो आपको उसका कन्वर्शन कराना होगा और उसे गैर कृषि भूमि में लाना होगा।
- आपके पास जमीन के पूरे डॉक्युमेंट्स और नक्शा होना चाहिए।
अभिनंदन ने सुनाई आपबीती, पाक में हुआ मानसिक उत्पीड़न
नई दिल्ली। विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को भारत आए अभी 1 दिन भी नहीं बीता कि पाकिस्तान के झूठ की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। एक तरफ आज यहां ये खुलासा हुआ भारतीय पायलट को समझ पीओके में पाक पायलट को ही पीट-पीट कर जान से मार दिया गया वहीं अभिनंदन की हालत भी बहुत कुछ बयां कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक खुद विंग कमांडर अभिनंदन ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना ने हिरासत के दौरान उनका काफी मानसिक उत्पीडऩ किया। आर्मी अस्पताल में चेकअप करा रहे अभिनंदन ने बताया है कि हिरासत के दौरान उसको छुआ तक नहीं गया लेकिन मानसिक तौर पर उसे काफी प्रताडि़त किया गया।
सूत्रों की मानें तो अभिनंदन ने ये बयान खुद दिया है और इस आपबीती ने ये साबित कर दिया कि पाक अपनी हरकतों से कभी बाज नहीं आ सकता। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन की घड़ी, मोजे और चश्मे तो लौटा दिया, लेकिन उनकी पिस्टल, मैप और सर्वाइवल किट को वापस नहीं किया।
हैंड ओवर सर्टिफिकेट के मुताबिक पाकिस्तान द्वारा विंग कमांडर अभिनंदन के घड़ी, मोजे और चश्मे को ही वापस किया गया है. इसमें यह भी कहा गया कि शुक्रवार को भारतीय पायलट अभिनंदन को पाकिस्तानी रेंजर्स के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट शहजाद फैजल ने बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट संजय कुमार को सौंपा। आज आर्मी अस्पताल में विंग कमांडर अभिनंदन से रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने मुलाकात की। यही नहीं अस्पताल में धनोआ ने विंग कमांडर के साथ अकेले में भी काफी देर तक बातचीत की थी।
इस प्लांट को लगा कर कमा सकते हैं 50 हजार मंथली, 300 रोगों से लड़ने में है सक्षम
आप भी कर सकते हैं यह काम, जानें कितना आएगा खर्च
अगर आपके पास एक जमीन है तो फिर आप बिना नौकरी किए इससे अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। इतनी जमीन में आप सहजन की खेती ( Sahjan farming ) कर 6 लाख सालाना यानी 50 हजार रुपए मंथली तक कमा सकते हैं। सहजन को अंग्रेजी में ड्रमस्टिक (Drumstick) भी कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलीफेरा है। इसकी खेती में पानी की बहुत जरूरत नहीं होती और रख-रखाव भी कम करना पड़ता है। सहजन की खेती काफी आसान पड़ती है और आप बड़े पैमाने नहीं करना चाहते तो अपनी सामान्य फसल के साथ भी इसकी खेती कर सकते हैं।
अमेरिका की पहली हिंदू महिला सांसद बोलीं, 'आतंकवादियों के खिलाफ खड़े हों पाकिस्तानी नेता'
भारतीय सेना ने पुलवामा हमले का बदला लेते हुए 26 फरवरी को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर दिया था.
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार बनने की दावेदार तुलसी गबार्ड ने आतंकवादियों को पनाहगाह मुहैया कराने को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की और कहा कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तानी नेता आतंकवादियों के खिलाफ खड़े हों. हवाई से चार बार सांसद रहीं गबार्ड ने कहा, ''अब समय आ गया है कि पाकिस्तानी नेता कट्टरपंथियों और आतंकवादियों के खिलाफ खड़े हों.'' साथ ही कांग्रेस के सदस्य टेड योहो ने भी पाकिस्तान से कहा कि वह आतंकवादी संगठनों से निपटने के लिए सार्थक कदम उठाए.
उन्होंने कहा, ''कांग्रेस और हिंद-प्रशांत क्षेत्र भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनावपूर्ण स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.'' योहो ने कहा, ''मैं पाकिस्तान से अपील करता हूं कि वह अपने देश में काम कर रहे आतंकवादी समूहों से निपटने के लिए सार्थक कदम उठाए और दोनों देश अपने मतभेद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं.'' उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद भारत ने बालाकोट में जैश के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमले किए थे.
गन्ना किसानों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, बकाया भुगतान की ली गारंटी, 10 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे
40 लाख गन्ना किसान परिवारों को होगा फायदा
भारत के खिलाफ F-16 का इस्तेमाल कर फंसा पाकिस्तान, अमेरिका ने लिया ये बड़ा एक्शन
भारत के जम्मू कश्मीर में पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान के बालाकोट आतंकी ठिकानों को 1000 किलो बम गिरा कर नष्ट कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान ने बौखलाते हुए युद्ध के हालात खड़े कर दिए। भारतीय वायुसेना के स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भी 10 F-16 विमानों के साथ भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए भारतीय सैन्य ठिकानों को बनाया, परंतु भारतीय सैनिकों के साहस एवं पराक्रम ने पाकिस्तान के इस मकसद को नाकाम कर दिया और उनके विमानों को खदेड़ कर वापस भगा दिया, जिसमें पाकिस्तान का एक F-16 मारा भी गया था।
पाकिस्तान न को यह F-16 विमान अमेरिका से मिले थे, परंतु अमेरिका ने जब पाकिस्तान को यह F-16 विमान दिए थे, तो उस समय अमेरिका ने पाकिस्तान के समक्ष एक शर्त रखी थी और उस शर्त के अनुसार अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा कि वह इन F-16 विमानों का प्रयोग केवल और केवल अपनी ही धरती पर दूसरे देश के युद्ध को रोकने के लिए कर सकता है। अगर इन विमानों का प्रयोग वह किसी दूसरे देश पर युद्ध हेतु करता है, तो इससे पहले अग्रिम जानकारी अमेरिका को देनी होगी।
अफसोस कम दिमाग की वजह से वहां की सेना और प्रधानमंत्री इमरान खान ने बिना किसी सोचे समझे अमेरिका द्वारा मिले F-16 विमानों का उपयोग भारत के खिलाफ युद्ध में कर ही लिया, जिसके बाद अमेरिका ने गुस्से में आकर बड़ा कदम उठाया।
अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार से सवाल करते हुए कहा कि हमारी बिना अनुमति के आपने F-16 विमान का प्रयोग सैन्य कार्रवाई के दौरान क्यों किया यह केवल आप अपने बचाव के लिए ही प्रयोग में ला सकते है। इसलिए अब अमेरिका ने अपने हथियारों का इस्तेमाल पर और भी कड़े नियम लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान अब उनके लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल सैन्य कार्रवाई हेतु नहीं कर सकते।
पाकिस्तान न को यह F-16 विमान अमेरिका से मिले थे, परंतु अमेरिका ने जब पाकिस्तान को यह F-16 विमान दिए थे, तो उस समय अमेरिका ने पाकिस्तान के समक्ष एक शर्त रखी थी और उस शर्त के अनुसार अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा कि वह इन F-16 विमानों का प्रयोग केवल और केवल अपनी ही धरती पर दूसरे देश के युद्ध को रोकने के लिए कर सकता है। अगर इन विमानों का प्रयोग वह किसी दूसरे देश पर युद्ध हेतु करता है, तो इससे पहले अग्रिम जानकारी अमेरिका को देनी होगी।
अफसोस कम दिमाग की वजह से वहां की सेना और प्रधानमंत्री इमरान खान ने बिना किसी सोचे समझे अमेरिका द्वारा मिले F-16 विमानों का उपयोग भारत के खिलाफ युद्ध में कर ही लिया, जिसके बाद अमेरिका ने गुस्से में आकर बड़ा कदम उठाया।
अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार से सवाल करते हुए कहा कि हमारी बिना अनुमति के आपने F-16 विमान का प्रयोग सैन्य कार्रवाई के दौरान क्यों किया यह केवल आप अपने बचाव के लिए ही प्रयोग में ला सकते है। इसलिए अब अमेरिका ने अपने हथियारों का इस्तेमाल पर और भी कड़े नियम लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान अब उनके लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल सैन्य कार्रवाई हेतु नहीं कर सकते।



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