किसानों के खाते में प्रति एकड़ 2000 रुपये तक डालने की तैयारी में केंद्र सरकार
केंद्र सरकार तेलंगाना मॉडल की तर्ज पर सीधे किसानों के खाते में प्रति एकड़ 2,000 रुपये तक डालने की तैयारी कर रही है। इसके लागू होने पर करीब एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का वार्षिक खर्च आने का अनुमान है। तेलंगाना में फसलों की बुवाई से पहले प्रति एकड़ तय राशि सीधे खाते में भेजी (डीबीटी) जाती है। सरकार इसे बेहतर मान रही है, क्योंकि कर्ज माफी का फायदा एक बार मिलता है। इस योजना का फायदा हर फसल के समय मिलेगा। केंद्र सरकार में फिलहाल प्रति एकड़ 1,700 से 2,000 रुपये तक सीधे किसानों के खाते में डालने की योजना पर सहमति बनती दिख र
पिछले दस दिन में सरकार लगभग पांच बैठकें कर चुकी है और माना जा रहा है नए साल में किसानों के लिए बड़ी घोषणा हो सकती है। पूर्ण ऋण माफी भी एक विकल्प है लेकिन ज्यादा गंभीरता से मात्र एक रूपये के प्रीमियम पर फसल बीमा योजना और उपज के उचित मूल्य की गारंटी पर विचार हुआ है।
मोदी सरकार का बड़ा दांव, बेरोजगारों को मिल सकते हैं हर महीने 2500 रुपये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मोदी सरकार नए साल में बेरोजगारों के बड़ा तोहफा देने जा रही है। केंद्र
सरकार यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) स्कीम लागू करने की तैयारी में है।
इसके तहत देश के बेरोजगारों को प्रतिमाह 2000 से 2500 रुपये की निश्चित
राशि दी जाएगी। साल 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार की यह योजना
गेमचेंजर साबित हो सकती है। केंद्र सरकार पिछले दो साल से इस योजना को
लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री यदि इस योजना को हरी झंडी दे
देते हैं तो नए साल में इसकी घोषणा हो सकती है। केंद्र की तरफ से इस योजना
को लागू करने पहले सभी मंत्रालयों से सुझाव मांगा गया था। इसमें पूछा गया
था कि इस योजना के दायरे में सिर्फ बेरोजगार ही शामिल हो या किसानों को भी
इसमें जगह दी जाए। संभावना है कि सरकार योजना को लागू करने के संबंध में एक
समिति का गठन कर सकती है।
20 करोड़ लोगों को होगा फायदा
इस योजना से 20 करोड़ लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। साल 2016-17 के आर्थिक सर्वे में सरकार को इस स्कीम को लागू करने की सलाह दी गई थी। इस योजना के तहत हर नागरिक के खाते में उसकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना किसी नियम व शर्त के एक निश्चित राशि डाली जाती है।
यूरोपीय देशों में भी लागू है योजना
यूनिवर्सल बेसिक इनकम भारत से पहले कई यूरोपीय व एशिया के देशों में लागू है। फ्रांस सरकार बेरोजगारों को कुछ शर्तों के साथ प्रतिमाह करीब 46 हजार रुपये भत्ता देती है। जर्मनी में यह रकम करीब 390 यूरो प्रतिमाह (करीब 31 हजार रुपये) है। इटली में बेरोजगारों को 1180 यूरो (करीब 90 हजार रुपये) बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। जापान में सबसे कम 153 पाउंड (करीब 15 हजार) रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है।
20 करोड़ लोगों को होगा फायदा
इस योजना से 20 करोड़ लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। साल 2016-17 के आर्थिक सर्वे में सरकार को इस स्कीम को लागू करने की सलाह दी गई थी। इस योजना के तहत हर नागरिक के खाते में उसकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना किसी नियम व शर्त के एक निश्चित राशि डाली जाती है।
यूरोपीय देशों में भी लागू है योजना
यूनिवर्सल बेसिक इनकम भारत से पहले कई यूरोपीय व एशिया के देशों में लागू है। फ्रांस सरकार बेरोजगारों को कुछ शर्तों के साथ प्रतिमाह करीब 46 हजार रुपये भत्ता देती है। जर्मनी में यह रकम करीब 390 यूरो प्रतिमाह (करीब 31 हजार रुपये) है। इटली में बेरोजगारों को 1180 यूरो (करीब 90 हजार रुपये) बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। जापान में सबसे कम 153 पाउंड (करीब 15 हजार) रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है।
तोहफा देने जा रही मोदी सरकार, नए साल में जय किसान की तैयारी
GHAR खरीदने वालों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा , अब इस तारीख तक मिलेंगे 3.50 लाख रुपये
दोस्तों
अगर आप घर बनाना चाहते हैं या फिर घर खरीदना चाहते हैं तो मोदी सरकार अब
सभी के लिए घर बनाने को लेकर एक नयी योजना लेकर आ रही है. इस नयी योजना के
तहत घर बनाने वाले किसी भी परिवार को २.५ लाख रुपये की सहायत राशि सरकार
देगी।
साथ ही मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना कि अवधि को २०१९ से बढाकर २०२२ तक करने का फैंसला लिया है
नयी योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में घर बनाने के लिए भी सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान रखा जायेगा.


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