Monday, December 31, 2018

MANGAL GRAH

200 वर्ष 2013 में एक फिल्म आई थी जिसका नाम था जिसे हम इस फिल्म इस दुनिया में तो क्लास के लोग बताए गए हैं एक वह लोग जो बहुत अमीर होंगे और दूसरे वो लोग जोनी नॉरमल जीवन व्यतीत कर रहे होंगे फिल्में अमीर लोग अपने लिए एक अलग अत्याधुनिक स्पेस बनाकर वहां पर रहने के लिए चले जाते हैं जबकि दूसरे बर्बाद भी पृथ्वी पर अपना जीवन व्यतीत करने के लिए छोड़ दिए जाते हैं

स्टील में आगे पृथ्वी पर बच्चे लोगों के संघर्ष की कहानी बताई गई है दुनिया के सभी देशों में आप मंगल पर जाने की कोर लगी हुई है नासा ने तो मंगल पर जाने की पूरी तैयारी कर ली है वहीं पर अमेरिका रूस ऊंची मंडल पचाने की कोर्ट में लगे हुए हैं इसके साथ ही भारत ने भी मंगल पर जाने की तैयारी शुरू कर दी है और 2020 तक अपना पहला मानवरहित यान मंगल पर पहुंचाने के लिए बजट कर दिया है

यही नहीं एलोन मस्क की Space X कंपनी भी मंगल याद में कूद पड़ी है

तो आखिर यह सब मंगलमय इतना इंटरेस्ट क्यों ले रहे आप जब कोई अच्छी तरह से जान लेना चाहिए तो मेरा राम कुमार और आज बात करते हैं जरूरी चीजों की मंगल ग्रह की तो हम आपको बता दें मंगल प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है जैसा कि मंगल पर लोहा निकल और सिलिकॉन भरपूर मात्रा में है नासा के अनुसार मंगल ग्रह पर पानी भी विद्वान है यह माना जा रहा है कि करोड़ों रूप से वीरान पड़ी मंगल पर

तो तो साइंटिस्ट का कहना है कि मंगल ग्रह पर प्रचुर मात्रा में ठोस और तरल तरल पदार्थ मौजूद है जो भविष्य में मानव जाति के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत बन कर वरदान साबित हो सकते हैं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि प्रशासन आधुनिक स्रोतों का भंडार नहीं रही है क्योंकि सैकड़ों वर्षो से मानव जाति ने इनका भरपूर मात्रा में उपयोग किया है जिसकी वजह से पृथ्वी इस तरह के आधुनिक स्रोतों से खाली हो चुकी है और भविष्य में ऊर्जा संसाधन जुटाने के लिए प्रति में कुछ नहीं रहते जिसके चलते आने वाले समय में पृथ्वी पर रहे लोगों को भयंकर मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है यहां तक की जल और अनाज जैसी जरूरतमंद चीजों के लिए भी इंसान को मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा

दोस्तो इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए तभी मजबूत दे आप मंगल ग्रह पर जाने की होड़ लगाए हुए उधर लंबे समय से लोगों को इस देश में जाने के लिए इच्छा बढ़ती जा रही है तो दोस्तो आप माने या ना माने लेकिन मंगल ग्रह पर जाने वाले लोगों की आग लगने वाली है दोस्तो नाता की मानें तो उनके पास अभी तक मंगल ग्रह पर जाने के लिए 2429807 एप्लीकेशन आ चुके हैं जिनमें सबसे ज्यादा यानी 677376 एप्लीकेशन अमेरिका

 दूसरे नंबर पर 262752 दावेदारों के साथ तीन आता है साथी 138799 एप्लीकेशन के साथ तीसरे नंबर पर आता है अपना प्यारा भारत देश इससे अंदाजा लगाया जा सकता है

कि कितने अमीर हो चुके हैं हम भारतवासी लेकिन यहां अमेरिकी कौन सी बात आ गई क्या आप जानते हैं मंगल पर यात्रा करने के लिए नाता ने टिकट के प्राइस कितने रखते हैं जी हां मंगल पर यात्रा अगर आप करना चाहते हैं तो आपको 10 मिलियन यूएस डॉलर देने पड़ेंगे यानी लगभग 72 करोड रुपए

तो दोस्तों इस से साफ जाहिर है कि फिलहाल यह मोस्ट रिच लोगों के लिए ही है लेकिन दोस्तों अब बात आती है कि इंसान मंगल ग्रह पर चाइना कैसे तो दोस्तों के बारे में तो आपने सुना ही होगा जो इस कंपनी के मालिक हैं और इस दुनिया के सबसे ज्यादा इंसान माने जाते हैं उनका कहना है आने वाले कुछ सालों में मंगल ग्रह पर शुरू कर देंगे चलते चलते अगले 1000000 लोगों को बताया जाए

लेकिन क्या आपको लगता है कि यह इतना आसान है जी नहीं बिल्कुल भी नहीं दोस्तों हमारी पृथ्वी से मंगल ग्रह की दूरी 54.7 किलोमीटर है और आज के ऑर्डिनरी क्राफ्ट में मंगल ग्रह तक पहुंच पृथ्वी से मंगल ग्रह तक पहुंचने में लगभग 6 महीने का समय लगता है जैसा कि अभी हमारे पास स्पेसक्राफ्ट नहीं है इसलिए इंसान को मंगल तक पहुंचने में लगभग $10 का खर्च आएगा लेकिन उनका कहना है कि कंपनी है और यह आएंगे सही चलता रहा तो आने वाले कुछ सालों में स्पेस मंगल ग्रह पर एक मनुष्य को पहुंचाने में सिर्फ $200000 का खर्च आएगा

लेकिन अगर स्पेस एक्स ने मनुष्य को मंगल ग्रह तक पहुंचा भी दिया तो अब सवाल यह उठता है कि इतने खतरनाक एटमॉस्फेयर में इंसान रहेगा कहते हैं क्योंकि ना तो अभी वहां पर ऑक्सीजन है और ना ही सूरज की किरणों को रोकने वाला ओजोन लेयर इसके ताकात टेंपरेचर बहुत कम है पर वहां पर मिले सबूतों से नाता यह दावा करता है कि वहां पर कुछ साल पहले जीवन रहा होगा का कहना है कि वहां पर

एलोन मस्क के अनुसार वहां पर कृत्रिम एटमॉस्फेयर वाले छोटे कस्बे में बनाए जाएंगे स्पेक्स का यह भी कहना है कि बाद में वहां पर क्लोरोफ्लोरोकार्बन छोड़ा जाएगा जिसे सब्सिडी कहते हैं क्लोरोफ्लोरोकार्बन ग्रीन हाउस के लिए सबसे अच्छी गैस होती है

हम आपको बता दें कि सियासी में गर्मी को ब्लैक करने की ताकत कार्बन डाइऑक्साइड से 17400 गुना ज्यादा है सतीश का कहना है कि वह सीएफसी को मंगल ग्रह के एटमॉस्फेयर में छोड़ देंगे ऐसा करने पर वैरीयस

प्रतिष्ठान एक दूसरे को सूचित करने लगेंगे और मंगल के क्लाइमेट में चेंज करने का आरंभ करने के लिए इतना पर्याप्त होगा एलोन मस्क का कहना है कि आज मंगल पर बरसे हमारे रोबोट को पृथ्वी तक मैसेज भेजने में 4 मिनट से 20 मिनट तक का समय लगता है लेकिन आने वाले टाइम में यह मैसेज देने का समय काफी कम हो जाएगा

तो दोस्तो आप सोच रहे होंगे कि चलो मान लेते हैं कि वहां पर पानी है लेकिन खाना कहां से आएगा तो दोस्तों साइंटिस्ट का कहना है कि तेरा फार्मिंग के जल ही किसी भी बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया जा सकता है ऐसी ही तकनीक का इस्तेमाल करके मंगल ग्रह पर दिखाने के लिए भोजन हो गाया जाएगा

इसके लिए साइंटिस्ट ने पृथ्वी के पंचर इलाकों में कहीं एक्सपेरिमेंट कर डाले हैं दोस्तों एक का यह एक्सपेरिमेंट कितना सफल रहेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन मनुष्य का आज तक का रिकॉर्ड रहा है कि उन्होंने जो भी कल्पना की है या जिस बारे में सोचा है वह उन्होंने करके दिखाया है इससे तो यही साबित होता है कि आने वाले समय में मंगल ग्रह पर जीवन बचेगा और पृथ्वी के उच्च दर्जे के लोग वहां पर अपना जीवन जीने के लिए चले जाएंगे



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